सत्य,अहिंसा,त्याग,अपरिग्रह,ब्रम्हचर्य, धर्म,विषयी शिकवण देणारे व त्याग तपस्या ने पूर्ण ओतप्रोत भगवान महावीर यांची जयंती
“सभी मनुष्य स्वयं के दोष की वजह से दुःखी होते है, आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रू नहीं है, असली शत्रू आपके भीतर रहतें है, वो है क्रोध,घमंड,लालच,आसक्ती और नफरत.”- श्री महावीर फलक रेखाटन – देव हिरे.(कलाशिक्षक, शिक्षण मंडळ भगूर संचालित नूतन माध्यमिक विद्यालय भाटगाव. ता.चांदवड.जि.नाशिक.)













